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NDA (National Defence Academy) की लिखित परीक्षा दो मुख्य विषयों में विभाजित होती है: गणित (Mathematics) और सामान्य योग्यता परीक्षा (General Ability Test - GAT)। Negative Marking का प्रावधान इन दोनों ही विषयों के प्रश्न पत्रों में लागू होता है। दोनों पेपरों में प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) के होते हैं, जहाँ प्रत्येक प्रश्न के लिए एकाधिक विकल्प (Multiple Choices) दिए जाते हैं, जिनमें से केवल एक ही सही होता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे दोनों ही पेपरों में सावधानी बरतें और केवल उन्हीं प्रश्नों का उत्तर दें जिनके बारे में वे पूरी तरह से सुनिश्चित हों।

गणित (Mathematics) का पेपर, जिसका अधिकतम अंक 300 होता है, और सामान्य योग्यता परीक्षा (GAT) का पेपर, जिसका अधिकतम अंक 600 होता है, दोनों ही Negative Marking के दायरे में आते हैं। GAT का पेपर आगे दो भागों में विभाजित होता है: अंग्रेजी (English) और सामान्य ज्ञान (General Knowledge)। Negative Marking की दर दोनों ही पेपरों में अलग-अलग होती है, क्योंकि उनके प्रति प्रश्न के अंक भिन्न होते हैं। GAT में प्रति प्रश्न का अंक गणित के प्रति प्रश्न के अंक से अधिक होता है, इसलिए GAT में गलत उत्तर देने पर अंकों की कटौती भी अधिक होती है।

GAT के भाग - B में विज्ञान (Science), इतिहास (History), भूगोल (Geography) और समसामयिक घटनाएँ (Current Events) जैसे कई विषय शामिल होते हैं। अक्सर, उम्मीदवारों को इन विषयों में कुछ प्रश्न थोड़े भ्रमित करने वाले (Confusing) लग सकते हैं। ऐसे में, यदि उम्मीदवार सही विकल्प का चुनाव नहीं कर पाता है और अनुमान लगाता है, तो Negative Marking के कारण उसके अंक कम हो सकते हैं। इसलिए, इस खंड में विशेष रूप से सतर्क रहना आवश्यक है, क्योंकि इसका वेटेज (Weightage) परीक्षा में सबसे अधिक होता है।

Negative Marking का नियम सभी वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पत्रों में एक समान रूप से लागू होता है, जिसका सीधा अर्थ है कि उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) पर गलत उत्तर को चिह्नित (Mark) करने पर अंक काटे जाएंगे। यदि कोई उम्मीदवार किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देता है, तो उसे उस प्रश्न के लिए न तो कोई अंक मिलता है और न ही कोई अंक काटा जाता है। यह प्रावधान NDA परीक्षा की विश्वसनीयता (Reliability) और वैधता (Validity) बनाए रखने में मदद करता है। यह उन उम्मीदवारों को पुरस्कृत करता है जिनके पास विषयों का गहन और सटीक ज्ञान होता है।

इसलिए, तैयारी के दौरान ही उम्मीदवारों को प्रत्येक विषय, चाहे वह गणित हो या GAT, में अपनी सटीकता (Accuracy) को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि Negative Marking दोनों विषयों पर लागू है, और उन्हें उसी के अनुसार अपनी समय प्रबंधन (Time Management) और प्रश्न चयन की रणनीति (Question Selection Strategy) बनानी चाहिए। मॉक टेस्ट (Mock Tests) के माध्यम से लगातार अभ्यास करना इस चुनौती का सामना करने का सबसे अच्छा तरीका है।

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NDA (National Defence Academy) की लिखित परीक्षा दो मुख्य विषयों में विभाजित होती है: गणित (Mathematics) और सामान्य योग्यता परीक्षा (General Ability Test - GAT)। Negative Marking का प्रावधान इन दोनों ही विषयों के प्रश्न पत्रों में लागू होता है। दोनों पेपरों में प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकार (Objective Type) के होते हैं, जहाँ प्रत्येक प्रश्न के लिए एकाधिक विकल्प (Multiple Choices) दिए जाते हैं, जिनमें से केवल एक ही सही होता है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे दोनों ही पेपरों में सावधानी बरतें और केवल उन्हीं प्रश्नों का उत्तर दें जिनके बारे में वे पूरी तरह से सुनिश्चित हों।

गणित (Mathematics) का पेपर, जिसका अधिकतम अंक 300 होता है, और सामान्य योग्यता परीक्षा (GAT) का पेपर, जिसका अधिकतम अंक 600 होता है, दोनों ही Negative Marking के दायरे में आते हैं। GAT का पेपर आगे दो भागों में विभाजित होता है: अंग्रेजी (English) और सामान्य ज्ञान (General Knowledge)। Negative Marking की दर दोनों ही पेपरों में अलग-अलग होती है, क्योंकि उनके प्रति प्रश्न के अंक भिन्न होते हैं। GAT में प्रति प्रश्न का अंक गणित के प्रति प्रश्न के अंक से अधिक होता है, इसलिए GAT में गलत उत्तर देने पर अंकों की कटौती भी अधिक होती है।

GAT के भाग - B में विज्ञान (Science), इतिहास (History), भूगोल (Geography) और समसामयिक घटनाएँ (Current Events) जैसे कई विषय शामिल होते हैं। अक्सर, उम्मीदवारों को इन विषयों में कुछ प्रश्न थोड़े भ्रमित करने वाले (Confusing) लग सकते हैं। ऐसे में, यदि उम्मीदवार सही विकल्प का चुनाव नहीं कर पाता है और अनुमान लगाता है, तो Negative Marking के कारण उसके अंक कम हो सकते हैं। इसलिए, इस खंड में विशेष रूप से सतर्क रहना आवश्यक है, क्योंकि इसका वेटेज (Weightage) परीक्षा में सबसे अधिक होता है।

Negative Marking का नियम सभी वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पत्रों में एक समान रूप से लागू होता है, जिसका सीधा अर्थ है कि उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) पर गलत उत्तर को चिह्नित (Mark) करने पर अंक काटे जाएंगे। यदि कोई उम्मीदवार किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देता है, तो उसे उस प्रश्न के लिए न तो कोई अंक मिलता है और न ही कोई अंक काटा जाता है। यह प्रावधान NDA परीक्षा की विश्वसनीयता (Reliability) और वैधता (Validity) बनाए रखने में मदद करता है। यह उन उम्मीदवारों को पुरस्कृत करता है जिनके पास विषयों का गहन और सटीक ज्ञान होता है।

इसलिए, तैयारी के दौरान ही उम्मीदवारों को प्रत्येक विषय, चाहे वह गणित हो या GAT, में अपनी सटीकता (Accuracy) को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि Negative Marking दोनों विषयों पर लागू है, और उन्हें उसी के अनुसार अपनी समय प्रबंधन (Time Management) और प्रश्न चयन की रणनीति (Question Selection Strategy) बनानी चाहिए। मॉक टेस्ट (Mock Tests) के माध्यम से लगातार अभ्यास करना इस चुनौती का सामना करने का सबसे अच्छा तरीका है।
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