भारत का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर (Mountain Peak) कंचनजंगा (Kangchenjunga) है, न कि के2 (K2)। यह समझना महत्वपूर्ण है कि के2 (K2) की ऊँचाई 8,611 मीटर है और यह भौगोलिक रूप से भारत के लिए सबसे ऊँचा है, लेकिन यह वर्तमान में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हिस्से में स्थित है, जिसे भारत अपना क्षेत्र (Territory) मानता है। इसलिए, भू-राजनीतिक (Geopolitical) संदर्भ (Context) के कारण इस पर विवाद (Dispute) है।
यदि हम भारतीय संघ (Indian Union) के पूर्ण नियंत्रण (Full Control) वाले क्षेत्रों के भीतर स्थित शिखरों की बात करें, तो कंचनजंगा (Kangchenjunga) 8,586 मीटर की ऊँचाई के साथ भारत का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है। कंचनजंगा (Kangchenjunga) नेपाल (Nepal) और भारत के सिक्किम (Sikkim) राज्य की सीमा पर स्थित है, लेकिन इसकी मुख्य चोटी (Main Peak) भारत में स्थित है। यह शिखर धार्मिक (Religious) और सांस्कृतिक (Cultural) रूप से सिक्किम के लोगों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
भारत में पूरी तरह से (Completely) स्थित सबसे ऊँचा पर्वत शिखर नंदा देवी (Nanda Devi) है, जिसकी ऊँचाई 7,816 मीटर है। नंदा देवी (Nanda Devi) उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य में स्थित है और यह भारत के अंदर स्थित दूसरा सबसे ऊँचा शिखर है। यह शिखर नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान (Nanda Devi National Park) के भीतर आता है और यह भी एक पूजनीय स्थान है।
के2 (K2) को तकनीकी रूप से (Technically) भारत का सबसे ऊँचा शिखर माना जाता है क्योंकि भारत पूरे जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) क्षेत्र पर अपना दावा (Claim) करता है, जिसमें वह क्षेत्र भी शामिल है जहाँ के2 स्थित है। हालांकि, व्यावहारिक रूप से (Practically) और पर्वतारोहण (Mountaineering) के दृष्टिकोण से, कंचनजंगा (Kangchenjunga) को भारतीय पर्वतारोहण समुदाय (Indian Mountaineering Community) द्वारा सर्वाधिक ऊँचाई वाला माना जाता है।
इस तरह, भू-राजनीतिक (Geopolitical) कारणों से, कंचनजंगा (Kangchenjunga) 8,586 मीटर की ऊँचाई के साथ भारत का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर (Mountain Peak) है।