प्रधानमंत्री Narendra Modi (नरेन्द्र मोदी) की विदेश नीति का एक प्रमुख सिद्धांत 'पड़ोसी पहले नीति' (Neighbourhood First Policy) है। इस नीति का मुख्य फोकस भारत के तत्काल पड़ोसी देशों के साथ मजबूत और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाना है। इसका उद्देश्य इन देशों में स्थिरता (Stability), सुरक्षा (Security) और समृद्धि (Prosperity) को बढ़ावा देना है, क्योंकि भारत मानता है कि उसकी अपनी प्रगति और सुरक्षा पड़ोसियों के विकास पर निर्भर करती है। इस नीति के तहत, भारत अपने पड़ोसियों को आर्थिक सहायता (Economic Aid), कनेक्टिविटी परियोजनाओं (Connectivity Projects) और Developmental Assistance (विकास सहायता) प्रदान करने को प्राथमिकता देता है।
यह नीति Mutual Respect (आपसी सम्मान), संप्रभुता (Sovereignty) और समानता के सिद्धांत पर आधारित है। भारत ने बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मालदीव जैसे देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों (Bilateral Relations) को मजबूत करने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर अधिक जुड़ाव बढ़ाया है। उदाहरण के लिए, India (भारत) ने भूटान में Hydro-Power Projects (पनबिजली परियोजनाओं) में सहयोग किया है और नेपाल में भूकंप के बाद Reconstruction (पुनर्निर्माण) कार्यों में सहायता दी है।
इस नीति का एक महत्वपूर्ण आयाम कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। सड़क, रेल, जलमार्ग और Digital Connectivity (डिजिटल कनेक्टिविटी) के माध्यम से क्षेत्रीय एकीकरण (Regional Integration) को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल व्यापार (Trade) और Economic Activities (आर्थिक गतिविधियों) को बढ़ाना है, बल्कि लोगों से लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Connect) को भी गहरा करना है। इससे पूरे क्षेत्र में Mutual Trust (आपसी विश्वास) और सहयोग का माहौल बनता है।
Security (सुरक्षा) और आतंकवाद-विरोध (Counter-Terrorism) इस नीति के अन्य प्रमुख स्तंभ हैं। भारत अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने पर जोर देता है। समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) और आपदा प्रबंधन (Disaster Management) में सहयोग इस नीति के तहत महत्वपूर्ण पहलू हैं। भारत ने SAGAR (Security and Growth for All in the Region) जैसे Initiatives (पहल) के माध्यम से Indian Ocean Region (हिंद महासागर क्षेत्र) में अपनी भूमिका को भी बढ़ाया है।
कुल मिलाकर, 'पड़ोसी पहले नीति' भारत की विदेश नीति का एक व्यावहारिक और रणनीतिक हिस्सा है। यह भारत को एक जिम्मेदार क्षेत्रीय शक्ति (Responsible Regional Power) के रूप में स्थापित करती है जो अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर Peace (शांति) और विकास के लिए काम करने को प्रतिबद्ध है।