PM Modi (पीएम मोदी) सरकार ने 2019 में भारतीय चिकित्सा परिषद (Medical Council of India - MCI) को भंग करके उसकी जगह 'राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग' (National Medical Commission - NMC) की स्थापना की। NMC (एनएमसी) को बनाने का मुख्य उद्देश्य देश की चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) और चिकित्सा Profession (पेशा) के Regulation (विनियमन) में व्यापक सुधार लाना था। MCI पर लगे Corruption (भ्रष्टाचार) और पारदर्शिता (Transparency) की कमी के आरोपों को देखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था।
NMC (एनएमसी) का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता (Quality) और मानकों (Standards) को बेहतर बनाना है। यह Medical Colleges (मेडिकल कॉलेजों) को Approval (अनुमोदन) देने और उनकी निगरानी (Monitoring) के लिए एक अधिक पारदर्शी और प्रभावी प्रणाली स्थापित करता है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में प्रशिक्षित होने वाले Doctors (डॉक्टरों) का Standard (स्तर) उच्च हो और वे विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर सकें।
इसने Medical Education (चिकित्सा शिक्षा) की फीस संरचना (Fee Structure) को विनियमित (Regulate) करने के लिए भी एक तंत्र स्थापित किया है। NMC (एनएमसी) निजी Medical Colleges (मेडिकल कॉलेजों) और Deemed Universities की 50% Seats (सीटों) के लिए फीस को नियंत्रित करता है, जिससे चिकित्सा शिक्षा गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए अधिक किफायती (Affordable) हो सके। यह Education (शिक्षा) में समानता (Equity) लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
NMC (एनएमसी) ने National Exit Test (NExT) की शुरुआत का भी प्रस्ताव रखा है। यह एक सामान्य परीक्षा होगी जो देश के सभी Medical Graduates (मेडिकल स्नातकों) को पास करनी होगी, ताकि वे Practice (अभ्यास) कर सकें और Post-Graduate (स्नातकोत्तर) कोर्स में प्रवेश ले सकें। यह Test (परीक्षा) देश भर के Medical Graduates के Standard (स्तर) में एकरूपता (Uniformity) सुनिश्चित करेगी।
कुल मिलाकर, National Medical Commission (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) की स्थापना भारत के Healthcare System (स्वास्थ्य सेवा प्रणाली) को मजबूत करने के लिए एक Structural Reform (संरचनात्मक सुधार) है। यह चिकित्सा शिक्षा के Governance (शासन) को बेहतर बनाकर देश के नागरिकों को Quality Medical Services (गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएँ) सुनिश्चित करता है।