PM Modi (पीएम मोदी) की सरकार ने 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' (New Education Policy - NEP) को 34 साल बाद देश की शिक्षा प्रणाली (Education System) में व्यापक सुधार लाने के लिए लागू किया है। NEP (एनईपी) का मुख्य उद्देश्य Indian Education System (भारतीय शिक्षा प्रणाली) को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप बदलना, छात्रों को अधिक कौशल-आधारित (Skill-Based) शिक्षा प्रदान करना और भारत को एक वैश्विक ज्ञान महाशक्ति (Global Knowledge Superpower) बनाना है।
इस नीति का एक महत्वपूर्ण बदलाव स्कूल शिक्षा संरचना (School Education Structure) में हुआ है, जहाँ 10+2 प्रणाली को बदलकर 5+3+3+4 प्रणाली लागू की गई है। यह Foundational Stage (बुनियादी चरण) में Early Childhood Care and Education (ECCE) को शामिल करता है, जिससे बच्चों के संज्ञानात्मक और सामाजिक विकास (Cognitive and Social Development) पर जोर दिया जाता है। इसका लक्ष्य Rote Learning (रटने की प्रवृत्ति) को कम करना है।
उच्च शिक्षा (Higher Education) में, NEP (एनईपी) ने Flexibility (लचीलापन) और बहु-विषयक दृष्टिकोण (Multidisciplinary Approach) लाने पर जोर दिया है। यह छात्रों को Multiple Entry and Exit Options (कई प्रवेश और निकास विकल्प) प्रदान करता है, जिससे वे अपनी सुविधानुसार Courses (पाठ्यक्रम) छोड़ और फिर से शुरू कर सकें। इससे छात्रों को विभिन्न विषयों (Subjects) में Skills (कौशल) हासिल करने का अवसर मिलता है।
Vocational Education (व्यावसायिक शिक्षा) को मुख्यधारा (Mainstream) की शिक्षा के साथ एकीकृत (Integrated) करना NEP (एनईपी) का एक और महत्वपूर्ण स्तंभ है। School Level (स्कूल स्तर) से ही छात्रों को Vocational Skills (व्यावसायिक कौशल) सिखाए जाएँगे, जिससे वे Job Market (रोजगार बाजार) के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें और Employability (रोजगार क्षमता) बढ़े।
कुल मिलाकर, NEP 2020 (एनईपी 2020) एक Visionary Reform (दूरदर्शी सुधार) है जिसका उद्देश्य Education (शिक्षा) की गुणवत्ता, पहुँच और समानता (Equity) में सुधार करना है। यह नीति छात्रों के समग्र विकास (Holistic Development) पर केंद्रित है और उन्हें Critical Thinking (आलोचनात्मक सोच) और Problem-Solving Skills (समस्या-समाधान कौशल) से लैस करती है।