MS Dhoni (एमएस धोनी) की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता दबाव में शांत रहने की उनकी क्षमता है। उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ 'फिनिशर' (Finisher) इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे मैच को अंतिम ओवरों तक ले जाने और अंत में जीत दिलाने में माहिर हैं। धोनी खेल की स्थिति को बहुत गहराई से समझते हैं और जानते हैं कि कब आक्रमण करना है और कब स्ट्राइक रोटेट करनी है। उनकी गणना करने की शक्ति उन्हें लक्ष्य का पीछा करते समय बहुत खतरनाक बनाती है।
मैच के अंतिम क्षणों में जब गेंदबाजों पर दबाव होता है, तब धोनी अपनी दिमागी शक्ति (Mind Power) का उपयोग करके उन्हें गलती करने पर मजबूर कर देते हैं। उनके पास 'हेलीकॉप्टर शॉट' (Helicopter Shot) जैसे विशेष अस्त्र हैं, जो यॉर्कर गेंदों को भी सीमा रेखा के बाहर भेजने में सक्षम हैं। धोनी ने अपने करियर में अनगिनत बार हारी हुई बाजी को जीत में बदला है, जिससे टीम का उन पर अटूट विश्वास बना रहता है।
धोनी की फिटनेस और विकेटों के बीच दौड़ने की गति भी उनके 'फिनिशिंग' कौशल को निखारती है। वे एक-दो रन लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखते हैं, जिससे वे गलतियाँ करने लगते हैं। जब वे पिच पर होते हैं, तो विपक्षी कप्तान हमेशा घबराया हुआ महसूस करता है क्योंकि उन्हें पता है कि धोनी किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं। उनकी उपस्थिति ही विपक्षी टीम के मनोबल को गिराने के लिए काफी होती है।
क्रिकेट इतिहास में ऐसे बहुत कम खिलाड़ी हुए हैं जो धोनी की तरह मैच की गति को नियंत्रित कर सकते हैं। वे अक्सर मैच को आखिरी गेंद तक ले जाते हैं और शांत रहकर सही शॉट का चयन करते हैं। 2011 World Cup (2011 विश्व कप) के फाइनल में लगाया गया उनका ऐतिहासिक छक्का उनकी इस काबिलियत का सबसे बड़ा प्रमाण है। वे केवल एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक महान रणनीतिकार भी हैं जो अपनी बल्लेबाजी से मैच खत्म करना जानते हैं।
आज के दौर में कई युवा खिलाड़ी उनकी तकनीक और सोच को अपनाने की कोशिश करते हैं। धोनी ने 'फिनिशिंग' की कला को एक नए स्तर पर पहुँचाया है जहाँ धैर्य और ताकत का सही तालमेल होता है। वे अपनी पारी को इस तरह से बुनते हैं कि अंतिम ओवरों में गेंदबाजों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बचता। यही कारण है कि क्रिकेट जगत में धोनी का नाम भरोसे का पर्याय बन गया है।