मुख्यमंत्री (Chief Minister) राज्य सरकार का वास्तविक प्रमुख (Executive Head) होता है और राज्य के शासन में उसकी भूमिका वैसी ही होती है जैसी केंद्र में प्रधानमंत्री की। वह मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) का मुखिया होता है और मंत्रियों के चयन एवं उनके विभागों के आवंटन (Allocation of Portfolios) में उसकी सलाह निर्णायक होती है। मुख्यमंत्री किसी भी समय किसी मंत्री का इस्तीफा मांग सकता है या मंत्रिमंडल में फेरबदल (Cabinet Reshuffle) कर सकता है।
राज्य के विकास और कानून व्यवस्था (Law and Order) की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री पर होती है। वह राज्य की लोक सेवा (Public Service) और पुलिस बल के माध्यम से शासन चलाता है। बजट निर्माण और महत्वपूर्ण नीतियों (Policy Formulation) को लागू करने में उसकी दृष्टि (Vision) सबसे महत्वपूर्ण होती है। वह राज्यपाल (Governor) और मंत्रिपरिषद के बीच संचार की मुख्य कड़ी होता है, जो सरकार के सभी निर्णयों से राज्यपाल को अवगत कराता है।
विधानसभा (Legislative Assembly) के नेता के रूप में मुख्यमंत्री सदन की कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सभी महत्वपूर्ण सरकारी घोषणाएं और विधेयकों (Bills) का बचाव मुख्यमंत्री द्वारा ही किया जाता है। उसके पास सदन को भंग (Dissolve) करने की सिफारिश करने की शक्ति होती है। राज्य की जनता की समस्याओं को सुनना और उन्हें हल करने के लिए प्रशासनिक तंत्र (Administrative Machinery) को गतिशील रखना उसकी दैनिक जिम्मेदारी का हिस्सा है।
अंतर्राज्यीय परिषद (Inter-State Council) और नीति आयोग (NITI Aayog) जैसी संस्थाओं में मुख्यमंत्री अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करता है। वह केंद्र सरकार से राज्य के लिए धन और संसाधनों (Resources) की मांग करता है। राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोजगार (Employment) के अवसर पैदा करने के लिए वह उद्योगपतियों और विदेशी निवेशकों के साथ बैठकें करता है। एक मुख्यमंत्री का व्यक्तित्व और उसकी कार्यशैली (Working Style) राज्य की प्रगति की दिशा तय करती है।
संकट के समय, जैसे प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) या महामारी, मुख्यमंत्री 'आपदा प्रबंधन' (Disaster Management) का मुख्य चेहरा होता है। उसे त्वरित निर्णय लेने होते हैं ताकि जनहानि को रोका जा सके। मुख्यमंत्री का पद केवल राजनीतिक शक्ति का नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के विश्वास और उनकी आकांक्षाओं (Aspirations) को पूरा करने का एक संवैधानिक दायित्व है। वह अपनी पार्टी और सरकार दोनों के बीच संतुलन बनाकर राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाता है।