आंगनवाड़ी भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास (Women and Child Development) पर केंद्रित पुस्तकों का चयन करना चाहिए। उपकार प्रकाशन (Upkar Publication) और अरिहंत की गाइड्स इस परीक्षा के लिए काफी लोकप्रिय हैं। इनमें पोषण (Nutrition), स्वास्थ्य (Health) और प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) जैसे विषयों को आंगनवाड़ी के कार्यक्षेत्र (Work Domain) के अनुसार विस्तार से समझाया गया है।
बाल विकास (Child Development) और मनोविज्ञान (Psychology) के लिए आपको शिक्षा विभाग (Education Department) की मानक पाठ्यपुस्तकों (Textbooks) का सहारा लेना चाहिए। सरकारी योजनाओं (Government Schemes) जैसे 'पोषण अभियान' और 'लाड़ली लक्ष्मी योजना' की जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट और वार्षिक प्रतिवेदनों (Annual Reports) को पढ़ना सबसे विश्वसनीय स्रोत (Reliable Source) है। इनसे आपको नवीनतम आंकड़ों (Latest Figures) की सटीक जानकारी मिलती है।
सामान्य बुद्धि और तर्कशक्ति (Reasoning) के लिए किसी भी बुनियादी एप्टीट्यूड (Aptitude) की किताब का उपयोग किया जा सकता है। इसमें चित्रों और पहेलियों (Puzzles) का अभ्यास करना चाहिए क्योंकि आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक (Supervisor) की परीक्षा में व्यवहारिक बुद्धि (Practical Intelligence) को परखने वाले प्रश्न अधिक पूछे जाते हैं। निरंतर अभ्यास ही मानसिक योग्यता (Mental Ability) को निखारने का एकमात्र तरीका है।
सामान्य हिंदी और भाषा ज्ञान के लिए व्याकरण की किसी अच्छी पुस्तक को आधार बनाएं। आंगनवाड़ी कार्यों में क्षेत्रीय भाषा (Regional Language) और संचार कौशल (Communication Skills) का महत्व होता है, इसलिए शब्दावली (Vocabulary) को मजबूत करने पर ध्यान दें। समाजशास्त्र (Sociology) के बुनियादी सिद्धांतों वाली पुस्तकें भी इस परीक्षा के सामाजिक खंड (Social Section) को हल करने में सहायता करती हैं।
तैयारी के दौरान मॉक टेस्ट (Mock Test) और मॉडल पेपर्स का अभ्यास करना न भूलें। यह आपको परीक्षा के समय होने वाले तनाव (Stress) को कम करने और आत्मविश्वास (Self-confidence) बढ़ाने में मदद करता है। पुस्तकों के अध्ययन के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) पर भी जोर दें क्योंकि यह एक सेवा क्षेत्र (Service Sector) की नौकरी है।