उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) द्वारा आयोजित पटवारी और लेखपाल भर्ती में लिखित परीक्षा के साथ-साथ शारीरिक दक्षता (Physical Efficiency) भी अनिवार्य है। पटवारी पद के लिए पुरुष उम्मीदवारों को 60 मिनट में 7 किलोमीटर और महिला उम्मीदवारों को 35 मिनट में 3.5 किलोमीटर की दौड़ (Running) पूरी करनी होती है। लेखपाल पद के लिए दौड़ के मानक थोड़े भिन्न हो सकते हैं, जिन्हें अधिसूचना (Notification) में स्पष्ट किया जाता है।
शारीरिक मानक (Physical Standards) के अंतर्गत पुरुषों की न्यूनतम ऊंचाई (Minimum Height) 168 सेंटीमीटर और महिलाओं की 152 सेंटीमीटर होनी चाहिए। इसके अलावा, पुरुषों के लिए छाती का घेरा (Chest Measurement) 84 सेंटीमीटर (5 सेमी विस्तार के साथ) होना आवश्यक है। पर्वतीय क्षेत्र (Hill Area) के निवासियों को नियमों के अनुसार लंबाई और अन्य मानकों में 5 सेंटीमीटर की छूट (Relaxation) प्रदान की जाती है।
लिखित परीक्षा (Written Exam) आमतौर पर 100 अंकों की होती है, जिसमें सामान्य हिंदी, सामान्य ज्ञान और उत्तराखंड की विशेष जानकारी (Uttarakhand Special GK) से प्रश्न पूछे जाते हैं। उत्तराखंड का भूगोल, नदियाँ, पर्वत और प्रसिद्ध व्यक्तित्वों (Personalities) से जुड़े सवाल परीक्षा का एक बड़ा हिस्सा होते हैं। इस राज्य में पटवारी को 'राजस्व पुलिस' (Revenue Police) के अधिकार भी प्राप्त होते हैं, जो इसे अन्य राज्यों से अलग बनाता है।
चयन प्रक्रिया में मेरिट (Merit) बहुत ऊँची रहती है, इसलिए उम्मीदवारों को गहन अध्ययन (Deep Study) की आवश्यकता होती है। लिखित परीक्षा पास करने के बाद ही अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षण (Physical Test) और दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के लिए पात्र होते हैं। उत्तराखंड जैसे दुर्गम इलाकों में काम करने के लिए उम्मीदवारों का शारीरिक और मानसिक रूप से चुस्त (Fit) होना बहुत जरूरी है।
पटवारी और लेखपाल के रूप में नियुक्त होने पर राजस्व प्रशासन (Revenue Administration) का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त होता है। उत्तराखंड सरकार द्वारा इन पदों पर आकर्षक वेतनमान (Pay Scale) और भत्ते दिए जाते हैं। एक बार सेवा में आने के बाद, विभागीय पदोन्नति (Internal Promotion) के माध्यम से उच्च पदों तक पहुँचने का रास्ता भी खुल जाता है।