आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मिलने वाला आर्थिक पारिश्रमिक मानदेय (Honorarium) कहलाता है। यह राशि केंद्र सरकार (Central Government) और राज्य सरकार (State Government) के साझा अंशदान (Contribution) से तय होती है। मानदेय की राशि विभिन्न राज्यों में वहां की नीतियों के अनुसार अलग-अलग (Vary) हो सकती है। सामान्यतः, मानदेय का भुगतान सीधे कार्यकर्ता के बैंक खाते (Bank Account) में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (Direct Benefit Transfer - DBT) के माध्यम से किया जाता है, जिससे पारदर्शिता (Transparency) बनी रहती है।
नियमित मानदेय (Regular Honorarium) के अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं को विभिन्न प्रोत्साहन राशि (Incentive Money) भी दी जाती है। यदि कार्यकर्ता 'पोषण ट्रैकर' (Poshan Tracker) ऐप पर शत-प्रतिशत डेटा एंट्री (Data Entry) और विकास निगरानी (Growth Monitoring) का कार्य समय पर पूरा करती है, तो उसे मासिक प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (Performance Based Incentive) मिलता है। यह अतिरिक्त आय (Extra Income) उनके मनोबल (Morale) को बढ़ाने और कार्य में कुशलता लाने के लिए प्रदान की जाती है।
विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों (National Programs) और विशेष स्वास्थ्य अभियानों (Health Campaigns) में भाग लेने पर अलग से भत्ते (Allowances) दिए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, पल्स पोलियो (Pulse Polio) अभियान या जनगणना (Census) जैसे कार्यों के लिए दैनिक भत्ता (Daily Allowance) निर्धारित होता है। चुनाव ड्यूटी (Election Duty) या अन्य सरकारी सर्वेक्षण (Survey) करने पर भी मानदेय के ऊपर अतिरिक्त भुगतान किया जाता है। ये भत्ते उनकी कुल मासिक आय (Monthly Income) को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
मानदेय (Honorarium) के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी को रोकने के लिए अब ऑनलाइन उपस्थिति (Online Attendance) और रिपोर्टिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। जब कार्यकर्ता अपनी मासिक रिपोर्ट (Monthly Report) पोर्टल पर सबमिट करती है और उसे पर्यवेक्षक (Supervisor) द्वारा स्वीकृत (Approve) किया जाता है, तब भुगतान की प्रक्रिया (Payment Process) शुरू होती है। सरकार अब त्यौहारों के अवसर पर बोनस (Bonus) या अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने पर भी विचार करती है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा (Financial Security) सुदृढ़ होती है।
भविष्य में मानदेय में वृद्धि (Increment) की मांग को लेकर सरकार समय-समय पर बजट (Budget) में नए प्रावधान करती है। कई राज्यों में कार्यकर्ताओं के लिए बीमा योजना (Insurance Scheme) और सेवानिवृत्ति (Retirement) के समय एकमुश्त सहायता राशि (Lump sum Amount) का भी प्रावधान किया गया है। यह आर्थिक ढांचा न केवल उन्हें आत्मनिर्भर (Self-reliant) बनाता है, बल्कि समाज के सबसे निचले स्तर पर काम करने वाली इन महिलाओं के श्रम का सम्मान (Respect of Labor) भी सुनिश्चित करता है।