सरकारी बस चालक के चयन में सबसे कठिन चरण 'ड्राइविंग स्किल टेस्ट' (Driving Skill Test) होता है, जहाँ आपकी गाड़ी चलाने की असली परीक्षा होती है। इसमें आपको बस को '8' की आकृति (Figure of 8) में चलाकर दिखाना होता है और संकरी जगहों पर बस को मोड़ना पड़ता है। इसके अलावा बस को पीछे (Reverse Driving) ले जाने का परीक्षण भी लिया जाता है, जिसमें दर्पणों (Mirrors) का सही उपयोग करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। गाड़ी चलाते समय झटके (Jerks) न देना आपके आत्मविश्वास और नियंत्रण को दर्शाता है।
चयनकर्ता (Selectors) यह देखते हैं कि आप बस रोकते समय 'हैंड ब्रेक' (Hand Brake) और गियर का सही तालमेल (Gear Coordination) कैसे बिठाते हैं। चढ़ाई वाले रास्तों पर बस को बिना पीछे लुढ़काए आगे बढ़ाना आपकी कुशलता (Skill) का प्रमाण है। ट्रैफिक नियमों (Traffic Rules) का पालन जैसे कि मुड़ते समय इंडिकेटर देना और स्टॉप लाइन से पहले बस रोकना अनिवार्य है। लापरवाही से गाड़ी चलाना या बार-बार क्लच का गलत प्रयोग करना आपको अयोग्य (Disqualified) बना सकता है।
लिखित परीक्षा के बाद होने वाले इस प्रैक्टिकल टेस्ट (Practical Test) के लिए भारी वाहन के साथ नियमित अभ्यास (Regular Practice) करना चाहिए। बड़े वाहनों के 'ब्लाइंड स्पॉट्स' (Blind Spots) की समझ होना बहुत जरूरी है ताकि मुड़ते समय कोई दुर्घटना न हो। बस के डैशबोर्ड (Dashboard) पर लगे मीटरों जैसे कि एयर प्रेशर (Air Pressure) और टेम्परेचर गेज की जानकारी रखना भी जरूरी है। एक शांत और धैर्यवान (Patient) चालक ही कठिन रास्तों पर बस को संतुलित रख सकता है।
ड्राइविंग टेस्ट के दौरान आपकी शारीरिक मुद्रा (Body Posture) और स्टीयरिंग पकड़ने के तरीके पर भी अंक दिए जाते हैं। आपको बस के एयर ब्रेक (Air Brakes) की कार्यप्रणाली का पता होना चाहिए क्योंकि ये सामान्य ब्रेक से अलग होते हैं। टायर के दबाव (Tyre Pressure) और तेल के स्तर की जाँच करने जैसी बुनियादी आदतें (Basic Habits) चयनकर्ताओं को प्रभावित करती हैं। आत्मविश्वास (Confidence) के साथ बिना घबराए बस चलाना ही सफलता की कुंजी है।
भर्ती बोर्ड यह भी देखता है कि चालक यात्रियों के साथ कैसा व्यवहार (Behavior) कर सकता है। ड्राइविंग टेस्ट के साथ-साथ कई बार मौखिक साक्षात्कार (Interview) में प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के बारे में भी पूछा जाता है। बस को ढलान पर सुरक्षित उतारने की तकनीक (Downhill Driving) का ज्ञान होना पहाड़ी राज्यों की भर्ती में बहुत आवश्यक है। अनुशासन और तकनीकी बारीकियों (Technical Details) पर पकड़ आपको एक सरकारी चालक के रूप में स्थापित करती है।