वास्तु शास्त्र में बुध ग्रह का सीधा संबंध उत्तर दिशा (North Direction) से है, जिसे कुबेर की दिशा (Direction of Wealth) भी कहा जाता है। यदि आपके घर की उत्तर दिशा दोषपूर्ण है, तो घर में धन टिकना मुश्किल हो जाता है। इस दिशा में भारी सामान रखना या कूड़ा-कचरा जमा करना बुध को नाराज करता है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच संवाद की कमी (Lack of Communication) हो जाती है और गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं।
घर की उत्तर दिशा में हरे रंग के पर्दे (Green Curtains) या हल्का हरा पेंट करवाना बुध की शुभता को बढ़ाता है। इस स्थान पर पानी का कोई स्रोत जैसे छोटा फव्वारा या मछलीघर (Aquarium) रखना भी बहुत शुभ माना जाता है। इससे व्यापार में वृद्धि होती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। उत्तर दिशा को जितना खुला और हल्का (Lightweight) रखेंगे, बुध का आशीर्वाद उतना ही अधिक प्राप्त होगा।
बुध ग्रह का संबंध घर की लाइब्रेरी (Library) या अध्ययन कक्ष (Study Room) से भी होता है। किताबों को व्यवस्थित रखना और कलम (Pen) का सही स्थान पर होना बुध को प्रसन्न करता है। जो लोग अपने घर में फटी हुई किताबें या रद्दी कागज (Waste Paper) रखते हैं, उनका बुध धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। इससे घर के बच्चों की बुद्धि कुंठित होने लगती है और वे पढ़ाई में पिछड़ने लगते हैं।
घर के बगीचे (Garden) में छोटे और मध्यम आकार के पौधे लगाना बुध को संतुलित करने का एक प्राकृतिक उपाय है। तुलसी का पौधा (Tulsi Plant) बुध की सबसे प्रिय वस्तु है, इसलिए इसे घर के आंगन में लगाना और नियमित सेवा करना पूरे परिवार के लिए कल्याणकारी है। जिस घर में पेड़-पौधे सूखने लगते हैं, वहां बुध का नकारात्मक प्रभाव बढ़ने लगता है, जिससे आर्थिक तंगी (Financial Crisis) आती है।
वास्तु के अनुसार तिजोरी (Safe) को उत्तर दिशा में रखना चाहिए जिससे वह बुध और कुबेर की दृष्टि में रहे। घर की मुख्य महिला या बहन-बेटी का सम्मान करना भी बुध को वास्तु दोषों से मुक्त करता है। यदि घर में संचार के उपकरण (Communication Devices) जैसे रेडियो, फोन या कंप्यूटर खराब पड़े हैं, तो उन्हें तुरंत ठीक करवाएं या हटा दें। इससे घर का वातावरण ऊर्जावान बना रहता है और सकारात्मकता बनी रहती है।