वास्तु शास्त्र में शुक्र ग्रह का संबंध दक्षिण-पूर्व दिशा (South-East Direction) से है, जिसे आग्नेय कोण भी कहा जाता है। यदि आपके घर के इस कोने में जल का स्थान या दोष है, तो शुक्र की ऊर्जा प्रभावित होती है। इस दिशा में रसोई घर (Kitchen) का होना अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि शुक्र अग्नि और सौंदर्य का संगम है। यहां की स्वच्छता घर की महिलाओं के स्वास्थ्य और समृद्धि को सीधे तौर पर प्रभावित करती है।
घर के दक्षिण-पूर्व भाग में चमकदार और सफेद रंगों (White Colors) का प्रयोग करना शुक्र को प्रसन्न करता है। इस कोने में मनी प्लांट (Money Plant) या सुगंधित फूलों के पौधे लगाना धन के आगमन (Money Flow) के रास्ते खोलता है। वास्तु के अनुसार, जिस घर में कांच की वस्तुएं (Glassware) और सजावटी सामान साफ और चमकदार होते हैं, वहां शुक्र की कृपा सदैव बनी रहती है। गंदे दर्पण (Mirrors) शुक्र की नकारात्मकता को बढ़ाते हैं।
शयनकक्ष (Bedroom) की सजावट में रेशमी पर्दों और मुलायम बिस्तरों का उपयोग शुक्र को अनुकूल बनाता है। शुक्र ग्रह आराम और विलासिता (Luxury) का शौकीन है, इसलिए घर का फर्नीचर आरामदायक और कलात्मक होना चाहिए। घर के मुख्य द्वार (Main Entrance) पर चमेली या गुलाब की खुशबू वाला परफ्यूम छिड़कना सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करता है। इससे घर में रहने वाले सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है।
भोजन कक्ष (Dining Area) में सफेद फूलों का गुलदस्ता रखना अन्न और धन की कमी नहीं होने देता। वास्तु के अनुसार, घर के उत्तर-पश्चिम दिशा में शुक्र का प्रभाव भी माना जाता है, इसलिए इस क्षेत्र को भी हवादार और सुंदर रखना चाहिए। शुक्र ग्रह को प्रसन्न रखने के लिए घर के पुराने और कबाड़ (Scrap) सामान को, विशेषकर फटे कपड़ों और खराब जूतों को तुरंत हटा देना चाहिए। यह जातक के भाग्य (Luck) को चमकने में मदद करता है।
सफेद पत्थर या मार्बल (Marble) का फर्श घर में सकारात्मकता लाता है। जिस घर में संगीत की मधुर ध्वनि गूंजती है, वहां शुक्र देव का वास होता है। शुक्रवार को शाम के समय घर के मंदिर में घी का दीपक (Ghee Lamp) जलाना और उसमें कपूर डालना सुख-समृद्धि के लिए रामबाण उपाय है। वास्तु के इन नियमों का पालन करने से न केवल धन की वृद्धि होती है, बल्कि परिवार में खुशहाली और सामंजस्य (Harmony) भी बना रहता है।