जापान (Japan) में इतने ज़्यादा भूकंप (Earthquakes) आने का मुख्य कारण (Main Reason) इसकी भौगोलिक स्थिति (Geographical Location) है। जापान प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के किनारे एक ऐसे क्षेत्र (Region) में स्थित है जिसे 'रिंग ऑफ़ फ़ायर' (Ring of Fire) कहा जाता है। यह वह क्षेत्र है जहाँ विश्व (World) के अधिकांश (Most) भूकंप (Earthquakes) और ज्वालामुखी (Volcanoes) आते हैं।
जापान चार (Four) प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) के जंक्शन (Junction) पर स्थित है। ये प्लेटें हैं: प्रशांत प्लेट (Pacific Plate), फिलीपीन सागर प्लेट (Philippine Sea Plate), यूरेशियन प्लेट (Eurasian Plate), और उत्तर अमेरिकी प्लेट (North American Plate)। ये सभी प्लेटें लगातार (Constantly) एक दूसरे से टकराती हैं, रगड़ती हैं, या एक दूसरे के नीचे धंसती (Subduct) हैं।
जब ये विशाल (Giant) टेक्टोनिक प्लेटें (Tectonic Plates) गति (Move) करती हैं, तो उनके किनारों (Edges) पर भारी मात्रा (Huge Amount) में तनाव (Stress) जमा (Accumulates) होता है। जब यह तनाव (Stress) प्लेटों की सहनशक्ति (Tolerance) से अधिक (Exceeds) हो जाता है, तो यह ऊर्जा (Energy) अचानक (Suddenly) मुक्त (Released) होती है, जिसके परिणामस्वरूप (Resulting) भूकंप (Earthquake) आता है।
प्रशांत प्लेट (Pacific Plate) और फिलीपीन सागर प्लेट (Philippine Sea Plate) यूरेशियन प्लेट (Eurasian Plate) के नीचे धंस (Subduct) रही हैं। यह प्रक्रिया (Process) ही जापान (Japan) के आस-पास बड़े (Large) और शक्तिशाली (Powerful) भूकंपों (Earthquakes) का प्राथमिक (Primary) कारण (Cause) है, जिनमें अक्सर (Often) सुनामी (Tsunami) का खतरा (Threat) भी होता है।
इस भौगोलिक (Geographical) वास्तविकता (Reality) के कारण, जापान (Japan) में हर साल (Every Year) हज़ारों (Thousands) छोटे भूकंप (Small Earthquakes) दर्ज (Recorded) किए जाते हैं, जिनमें से कई इतने हल्के (Mild) होते हैं कि उन्हें महसूस (Feel) भी नहीं किया जाता।