सफर के दौरान पढ़ना या मोबाइल चलाना बहुत से लोगों के लिए सिरदर्द और उल्टी (Vomiting) का कारण बनता है, जिसे 'मोशन सिकनेस' (Motion Sickness) कहा जाता है। यह हमारे शरीर के संतुलन तंत्र (Balance System) में उत्पन्न होने वाले भ्रम के कारण होता है। हमारे कान के भीतरी हिस्से में मौजूद तरल पदार्थ (Inner ear fluid) गति को महसूस करता है, जबकि हमारी आँखें वही देखती हैं जो हमारे सामने स्थिर है।
जब आप चलती कार में स्थिर किताब या मोबाइल स्क्रीन (Mobile Screen) पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तो आपकी आँखें मस्तिष्क (Brain) को संकेत भेजती हैं कि आप स्थिर (Stationary) हैं। लेकिन आपके कान और शरीर के अन्य हिस्से गति (Motion) और झटकों को महसूस कर रहे होते हैं। मस्तिष्क को मिलने वाले इन दो विरोधाभासी संकेतों (Conflicting Signals) के कारण वह भ्रमित हो जाता है।
मस्तिष्क इस भ्रम को एक 'जहर' (Poison) या न्यूरोटॉक्सिन के प्रभाव के रूप में स्वीकार करता है। शरीर की रक्षा प्रणाली (Defense mechanism) को लगता है कि कुछ गलत खा लिया गया है, और वह उस जहर को बाहर निकालने के लिए उल्टी का आदेश दे देता है। यही कारण है कि ठंडी हवा लगने या बाहर की ओर देखने पर अक्सर आराम महसूस होता है क्योंकि तब आँखों और कानों के संकेतों में तालमेल बैठ जाता है।
इस समस्या से बचने के लिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सफर के दौरान सिर को स्थिर रखें और लंबी दूरी की वस्तुओं (Distant objects) या क्षितिज (Horizon) की ओर देखें। मोबाइल का अधिक उपयोग मस्तिष्क पर बोझ बढ़ाता है, इसलिए ऑडियो बुक या संगीत (Music) सुनना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। यह हमारे संवेदी अंगों (Sensory organs) की जटिलता को दर्शाता है।
मोशन सिकनेस कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारे शरीर की एक अति-संवेदनशील प्रतिक्रिया (Sensitive response) है। यह हमें याद दिलाता है कि हमारा मस्तिष्क बाहरी दुनिया के साथ सामंजस्य बिठाने के लिए कितनी सूक्ष्मता से कार्य करता है। आधुनिक दवाओं और कुछ सरल सावधानियों के माध्यम से इस असुविधा को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।