पशुपालन विभाग कांगड़ा में मल्टी टास्क वर्कर (Multi Task Worker) का चयन पूरी तरह से मेरिट और अंकों के आधार पर किया जाता है। इसमें आमतौर पर कोई लिखित परीक्षा (Written Exam) आयोजित नहीं की जाती है। चयन का मुख्य आधार अभ्यर्थी के 8वीं कक्षा के अंक (8th Class Marks) होते हैं। कुल 100 अंकों में से एक बड़ा हिस्सा शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) के लिए निर्धारित होता है, जिससे सबसे मेधावी उम्मीदवारों को लाभ मिलता है।
अंकों का विभाजन विभिन्न मापदंडों (Criteria) पर किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि अभ्यर्थी संबंधित ग्राम पंचायत (Gram Panchayat) का निवासी है, तो उसे कुछ अतिरिक्त अंक प्रदान किए जाते हैं। इसके अलावा, यदि आवेदक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंध रखता है, तो उसे श्रेणी के अनुसार अंक मिलते हैं। विधवाओं (Widows), तलाकशुदा महिलाओं और एकल नारियों के लिए भी विशेष अंकों का प्रावधान किया जाता है ताकि उन्हें सशक्त (Empower) बनाया जा सके।
गरीबी रेखा से नीचे (BPL Family) रहने वाले उम्मीदवारों को भी वरीयता दी जाती है, बशर्ते उनके पास वैध बीपीएल प्रमाण पत्र हो जिसकी वार्षिक आय सीमा (Income Limit) सरकार द्वारा तय की गई हो। यदि किसी उम्मीदवार ने पहले विभाग में अस्थाई रूप से कार्य किया है या उसके पास संबंधित कार्य का अनुभव (Experience) है, तो उसे भी बोनस अंक मिल सकते हैं। यह सारी प्रक्रिया जिला स्तरीय चयन समिति (District Selection Committee) की देखरेख में संपन्न होती है।
एक बार जब सभी आवेदन प्राप्त हो जाते हैं, तो विभाग एक प्रारंभिक मेरिट सूची (Provisional Merit List) तैयार करता है। इस सूची को विभागीय नोटिस बोर्ड या वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाता है ताकि अभ्यर्थी अपने अंकों की जांच कर सकें। यदि किसी को अंकों के निर्धारण (Allocation of Marks) पर कोई आपत्ति है, तो वह निर्धारित समय के भीतर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम चयन सूची (Final Selection List) जारी की जाती है।
दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification) चयन प्रक्रिया का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। चयनित उम्मीदवारों को अपने सभी मूल प्रमाण पत्र (Original Certificates) समिति के समक्ष प्रस्तुत करने होते हैं। यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि उम्मीदवार ने गलत जानकारी दी है या फर्जी प्रमाण पत्र (Fake Certificates) लगाए हैं, तो उसका चयन तत्काल निरस्त कर दिया जाता है। इस पूरी प्रणाली का उद्देश्य सबसे पात्र और जरूरतमंद स्थानीय व्यक्ति को रोजगार (Employment) प्रदान करना है।